दो बेरोजगार और कर्ज में डूबे युवकों ने किया शमशाबाद हत्याकांड

-11 किलो सोना, 25 किलो चांदी, 13 लाख कैश किया बरामद
-आगरा में अबतक की बड़ी वारदात में बड़ी बरामदगी
-सर्विलांस के जरिये पकड़ में आये दोनो बदमाश
 
 
आगरा। शमसाबाद में सर्राफा कारोबारी व सर्राफा कमेटी के अध्यक्ष मुकलेश गुप्ता (62 वर्ष) और उनकी पत्नी लता गुप्ता (60 वर्ष) की 27 जनवरी की देर शाम निर्मम हत्या कर दी गई थी। अगले दिन  सुबह यानि 28 जनवरी को इस घटना की जानकारी हुई तो सामने आया कि हत्यारे कई किलोग्राम सोना और नकदी ले गए हैं। मुकलेश गुप्ता की तीन पुत्रियां हैं।
घटनाक्रम पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। शुक्रवार रात करीब 10.30 बजे एसएसपी बबलू कुमार शमसाबाद पहुंचे। तभी इस बात के संकेत मिल गए थे कि पुलिस के हाथ कोई बड़ा क्लू लगा है। सूत्रों के मुताबिक रात दो बजे पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें एक व्यापारी को भी पकड़ा है। यह व्यापारी मुकलेश गुप्ता के ही समाज का है और उसे मुकलेश की संपत्ति व कारोबार की जानकारी थी। सूत्रों के मुताबिक पकड़े गए लोगों में कपिल गुप्ता और ओम बाबू राठौर हैं। 
वे कर्जे में डूबे हुए थे और काफी समय से मुकलेश के घर और दुकान की रैकी कर रहे थे। लूट के दौरान बदमाशों ने सर्राफ और उनकी पत्नी की हत्या की। 
 
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
 
मुकलेश गुप्ता का परिचित कपिल गुप्ता कस्बे में ही इरादतनगर रोड पर परचून की दुकान चलाता है। पुलिस पूछताछ में जो बात सामने आई उसके मुताबिक कपिल पर 10 लाख रुपये से ज्यादा का कर्ज हो गया था। दूसरा साथी ओम बाबू राठौर भी कर्ज में डूबा हुआ था। कपिल ने उसे मुकलेश की संपत्ति के बारे में बताया और लूट की योजना बना डाली। इसी के तहत ये दोनों 22 जनवरी को उनकी दुकान पर पहुंचे और वहां से उधार में एक अंगूठी खरीदी।  27 जनवरी को कपिल ने मुकलेश के फोन किया कि हम लोग शाम को घर पर अंगूठी के रुपये दे आएंगे। आप घर पर बता दीजिएगा। कपिल और ओम बाबू शाम करीब 7 बजे मुकलेश के घर पहुंचे तो पत्नी लता ने दरवाजा खोल दिया। घर में घुसकर कपिल और ओम बाबू ने लता की हत्या कर दी और अल्मारी में रखा सोना व नकदी लूट ली। उस समय मुकलेश अपने भांजे को छोड़ने गए हुए थे। रात आठ बजे, जब वे वापस लौटे तो कपिल और ओम बाबू ने घटना का कोई भी सुराग न छोड़ने की वजह से उन्हें भी जान से मार दिया और सीसीटीवी का डीवीआर भी साथ ले गए। मर्डर और लूट के बाद ये लूटे गए सोने को ठिकाने लगाने की फिराक में थे। इसी से पुलिस को सुराग मिल गया।
मृतक सर्राफ मुकलेश गुप्ता और उनकी पत्नी लता गुप्ता, इनके अलावा घर पर कोई और नहीं रहता था इसलिए अब लूटे गए सोने और नकदी के बारे में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ रही थी। सभी अपना अंदाजा बता रहे थे। पकड़े गए आरोपितों से जो सोना और नकदी बरामद की गई है,  करोड़ों से ऊपर है।
 
मरने की पुष्टि करने को लगाया करंट
 
सर्राफ और उनकी पत्नी की हत्या करने के बाद बदमाशों ने टेप लगाकर बिजली का तार उनके शरीर से बांधा था। इसके बाद स्विच आॅन कर करंट प्रवाहित किया। बदमाशों ने बताया कि वे इस बात की पुष्टि करना चाहते थे कि ये लोग जिंदा हैं या मर गए।