आगरा के इस सट्टेबाज चांदी कारोबारी पर जल्द कसेगा शिकंजा

-व्यापारी की शिकायत पर उप निबंधन महानिरीक्षक ने स्टॉप चोरी जांच को टीम का किया है गठन
-किनारी बाजार में पांच करोड़ की संपत्ति को तीन हिस्सों बांटकर चंद रुपयों में कराई हैं रजिस्ट्री

अग्र भारत ब्यूरो 
आगरा। एमसीएक्स के पैलरल डिब्बा चलाने वाला यह सट्टेबाज चांदी कारोबारी पुलिस की जद में आने से कई बार बच चुका है। इसने जो भी अवैध तरीके से रुपया कमाया, उसे एक नंबर में करने के लिए प्रॉपर्टी बनाने में लगाया है। दो नंबर कमाई से खरीदी संपत्ति में भी हेराफेरी कर करोड़ों रुपये की स्टॉप चोरी की है। शहर, देहात और अन्य जिलों में करीब 70 से 75 संपत्तियां बनाई हैं। वहीं सर्राफा बाजार के ही एक कारोबारी ने इस सटोरी की कब्र खोदने की तैयारी कर दी है। कारोबारी ने सीएम, पीएम, ईडी और गाजियाबाद में अपर महानिरीक्षक निबंधन से शिकायत की हैं। कारोबारी की शिकायत को संज्ञान में लेकर विभाग ने एक समिति गठित की है। जल्द ही टीम सट्टेबाज कथित चांदी कारोबारी की कुंडली निकालने के लिए हरीपर्वत और कोतवाली स्थित प्रतिष्ठानों पर छापे मार सकती है।

थाना हरीपर्वत के सर्राफा कारोबारी का कोतवाली सर्राफा बाजार में काम है। उन्होंने सर्राफा बाजार के ही एक सटोरी चांदी कारोबारी की संपत्ति की जांच को लेकर कई विभागों में शिकायत की हैं। सर्राफ ने इसके अलावा कथित चांदी कारोबारी की खरीदी गई करीब 35 संपत्तियों में स्टॉप चोरी होने की शिकायत गौतमबंद्ध नगर वृत्त/ आगरा मंडल उप महानिरीक्षक निबंधन जेपी सिंह को भी शिकायत पत्र दिया है। उन्होंने लिखा है कि कोतवाली के किनारी बाजार में कुल 100 गज के टुकड़े को वर्ष 2011 में तीन हिस्सों में अपनी पत्नी के नाम से खरीदा है। तीन हिस्सों को आठ लाख, सात लाख और तीन लाख कुल 18 लाख रुपये में खरीदा है। जबकि उस दौरान भी संपत्ति की कीमत पांच करोड़ रुपये थी। व्यवसायिक संपत्ति को आवासीय रेट में खरीदा है। रजिस्ट्री में दिशाये इस तरह दिखाई गई हैं कि मानो प्रॉपटी मुख्य बाजार में न होकर गली-कूंचों में हो।

शिकायतकर्ता ने किया है दावा
सर्राफ कारोबारी ने पत्र में लिखा है कि 100 वर्ग गज जमीन को खरीदने के लिए भी बड़े स्तर पर धोखाधड़ी की गई है। जमीन पर कॉम्पलेक्स बनाया जाये तो 30 से 35 करोड़ रुपये की बिक्री होगी। इससे सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व मिलेगा, लेकिन लोकल स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों ने अनदेखी कर सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान कराया है। 100 वर्ग गज पर बने भूखंड की यथास्थिती को भी बेचा जाये तो पांच करोड़ रुपये में बिकेगी, मान लो अगर कोई कहता है कि संपत्ति खरीदने वाला कोई नहीं हैं, तो वह खुद अच्छी कीमत में खरीद लेंगे।

संपत्तियों की जांच के लिए बनी टीम
शिकायतकर्ता के पत्र पर उप निबंधन महानिरीक्षक जेपी सिंह ने एक्शन लेते हुए तत्काल प्रभाव से एक समिति का गठन किया है। उन्होंने पत्र के जरिये शिकायतकर्ता को सूचना भेजी है कि आप तुरंत आरोपी से जुड़ी सभी जानकारियां और दस्तावेज आगरा उप महानिरीक्षक आगरा मंडल भवन तहसील परिसर के प्रथम तल आगरा में पहुंचा दें। सर्राफ कारोबारी ने सटोरी चांदी कारोबारी की करीब 35 से अधिक संपत्ति की रजिस्ट्रियां एकत्रित कर विभाग को पहुंचा दी हैं। उन संपत्तियों की मौजूदा कीमतें करीब कई हजार करोड़ रुपये बताई गई है। जबकि सटोरी ने यह सभी संपत्तियां बहुत कम रुपये में दिखाकर स्टांप चोरी कर राजस्व को हानि पहुंचाई है।

महिला के नाम खरीदी है संपत्ति
सट्टेबाज ने प्रॉपटी अपनी पत्नी के नाम से खरीदी है। वह खुद उसमें गवाह बना है, पत्नी के साथ उसके पिता का नाम दर्ज कराया है, जबकि महिला की शादी होने के बाद उसके साथ पति का नाम लिखा जाता है। महिला का पता भी उसके पिता के घर का दिखाया है। महिला ने उसी प्रॉपटी में रहने वाले किरायेदारों को नोटिस अपने नाम के पीछे पति का सरनेम लगाया है।