पुलिसिया तंत्र हुये फेल: सट्टेबाज चांदी कारोबारी का हवाले का बड़ा नेटवर्क

-दुबई, मलेशिया में खोल रखीं हैं हवाले की गद्दियां
-दिल्ली के चांदनी चौक से विदेशों में जाती है बड़ी रकम

एम डी खान 

आगरा। पुलिस अधिकारी कितनी भी सख्ती कर लें, इनकी नाक के नीचे एमसीएक्स सट्टेबाज अपने साथियों के साथ मिलकर हवाले का बड़ा नेटवर्क चला रहा है। पुलिस की तमाम जांच एजेंसियां फेल साबित हो रही हैं। पुलिस और दोनों टीम सटोरी और जुआरियों के पीछे दौड़ रही हैं, जबकि हवाला कारोबार की तरफ कोई ध्यान नहीं हैं। रोजाना ताश की गड्डी की तरह दो-दो हजार की गड्डियां सर्राफा बाजार में फेंटी जा रही हैं। मिनटों में बड़ी से बड़ी रकम एक शहर से दूसरे शहर में ट्रांसफर हो रही है। यही नहीं विदेशों में भी सट्टेबाज की गद्दी से हवाला के जरिये पेमेंट भेजा जा रहा है। रकम कौन भेज रहा है, किसको मिल रहा है, यह राज सिर्फ कथित चांदी कारोबारी को ही मालूम है। नोटों की गर्मी इस कदर हावी है कि ये सट्टेबाज चांदी कारोबारी कायदे-कानून को ठेेंगे पर रखे हुए है।

कहीं देश विरोधी गतिविधी से तो नहीं जुड़ा...
सूत्रों के अनुसार कोतवाली स्थित सर्राफा बाजार के इस सटोरी चांदी कारोबारी का दुबई, मलेशिया और अन्य शहरों में गद्दी (आॅफिस) चल रही हैं। इन गद्दियों से हवाले के अलावा सट्टे और एमसीएक्स का डिब्बा कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। वह आगरा सहित देश के किसी भी व्यापारी को दुनिया के किसी भी कोने में बड़ी से बड़ी रकम दे सकता है। भारत में लखनऊ, दिल्ली के चांदनी चौक, मुबई सहित आदि शहरों में गद्दी हैं। हवाला के जरिये कहीं भी, कितना भी रुपया इधर से उधर कर देता है। इसमें न कोई खाता-बही, न कोई हिसाब-किताब, न इनकम टैक्स, न ही इन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट की जरूरत, बस सीधा करोड़ों का पेमेंट एक झटके में देश के किसी भी हिस्से में मिल जाता है। करोड़ों का कोई भी ठेका हो या डील, नेता अफसर और बड़े ठेकेदार यहां तक कि सोना-चांदी कारोबारी भी हवाला नेटवर्क का सहारा ले रहे हैं। हवाला के माध्यम से भेजे गए पैसे का इस्तेमाल कहां हो रहा है इस बारे में सरकार को कोई जानकारी नहीं होती है, इसमें कोई गुरेज नहीं कि सट्टेबाज की गद्दी से जाने वाले पैसो का किसी देश विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल नहीं हो। दुनिया भर के आतंकवादी संगठन को होने वाली फंडिंग इसी तरह से होती है। सटोरी चांदी कारोबारी का गुरू मुबई के डॉन और देश के दुश्मन दाऊद इब्राहिम का गुर्गा था।


बैंक की तरह करता है काम
हवाला एक तरीके से बैंक की तरह काम करता है। फर्क यह है कि बैंक में सरकारी टैक्स कटेगा। रुपया जमा करने की एक लिमिट है। हवाले में सिर्फ एक लाख रुपये पर एक हजार से दो हजार रुपये तक कमीशन देना होता है। सर्राफ सूत्र ने बताया कि सट्टेबाज की गद्दी से कोई रकम किसी भी शहर या फिर देश में भेजनी है, तो वह आपको दस या पांच के नोट देगा। गद्दी से उस नोट का नंबर जिस शहर में रुपया चाहिए वहां बता देगा। उस नोट को दिखाकर उसकी तय की रकम वहां मिल जाती है। फुब्बारा दवा मार्केट के एक नशीली दवा का काम करने वाले कारोबारी हवाले का इस्तेमाल कर रहे हैं। सटोरी चांदी कारोबारी हवाला से जुड़े सभी ग्राहकों से वाट्सएप कॉल पर ही बात करता है। उसके दो अन्य साथी चांदी कारोबार में सफेदपोश बने हुए हैं।

देश में हवाले का बड़ा ठिकाना है दिल्ली
गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार भारत में प्रतिवर्ष हवाला कारोबार का आकार 20 से 25 अरब डॉलर का है’ भारत में सबसे अधिक हवाला का कारोबार केरल में है जो कि खाड़ी के देशों से बहुत बड़ी मात्रा में विदेश से रुपया प्राप्त करता है ’ एक अनुमान के अनुसार केरल में हर साल 23000 करोड़ का हवाला रुपया आता है इसके बाद दूसरे नंबर पर दिल्ली का स्थान आता है। सटोरी चांदी कारोबारी ने भी हवाले की एक गद्दी दिल्ली के चांदनी चौक में खोल रखी है।  


हवाला कारोबार होने की कोई सूचना संज्ञान में नहीं मिली है। शहर में ऐसा हो रहा है, तो गोपनीय तरीके से सर्राफा बाजार में जांच करायेंगे। इस धंधे से जो भी लोग जुड़े हैं। उन पर कार्रवाई होगी।
   बौत्रे रोहन प्रमोद                                                                                                                                                                
एसपी सिटी आगरा।