नाबालिक से दुष्कर्म मामले में फरार चल रहे आरोपी ने कोर्ट में किया समर्पण

आगरा। जगदीशपुरा थाना क्षेत्र में बीते सितंबर11वीं की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म के आरोपित स्कूल संचालक दीपक धनगर ने डेढ़ महीने से चल रहा लुका छिपी का खेल शुक्रवार को समाप्त हो गया जब दीपक ने विशेष न्यायाधीश पॉक्सो की कोर्ट में समर्पण कर दिया।पुलिस ने दीपक धनगर को गिरफ्तार करने के लिये पूरा जोर लगा दिया था पर वह पुलिस के हत्थे नही चढ़ा और पुलिस को चकमा देते हुये दीवानी में समर्पण कर दिया। पुलिस ने दीपक धनगर की गिरफ़्तारी के लिये इनाम घोषित करने के बाद उसके घर की कुर्की करने की तैयारी भी कर ली थी। दीपक धनगर द्वारा लगाई गई अग्रिम जमानत याचिका को कोर्ट ने पहले ही निरस्त कर दिया था। 

क्या है पूरा मामला 
मामला कुछ इस प्रकार है। थाना जगदीशपुरा, बिचुपरी क्षेत्र के गांव निवासी रेश्मा 17 साल (काल्पनिक) सपा नेता महाराज सिंह धनगर के स्कूल में 11वीं की छात्रा है। छात्रा के पिता मेरठ में एक सरकारी आॅफिस में क्लर्क हैं। आईजी आॅफिस में मामले की जांच कर रही टीम ने बताया कि छात्रा ने 27 अगस्त को जहर खाकर जान देने की कोशिश की थी। परिजन उसे आनन-फानन में अस्पताल लेकर गये। उसे बचा लिया गया। छात्रा ने परिजनों को बताया कि उसके साथ पांच लड़के कई दिन से ब्लैकमेल कर दुष्कर्म कर रहे हैं। परिजनों ने सुना तो उनके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई। वह बेटी को लेकर जगदीशपुरा थाने गये। छात्रा के चाचा ने पांच लड़कों के खिलाफ नामजद तहरीर दी। छात्रा ने पुलिस को बताया कि 15 अगस्त को कार्यक्रम सामाप्त होने के बाद वैन न आने की वजह से वह स्कूल के बाहर खड़े होकर इंतजार कर रही थी। उसी दौरान स्कूल संचालक सपा नेता महाराज सिंह धनगर का बेटा दीपक धनगर ने अंदर बुला लिया। उसने कहा था कि आॅफिस में बैठ जाओं वैन आ जाये तब चली जाना।

चपरासी से मंगाये थे लड्डू
दीपक धनगर ने चपरासी से लड्डू मंगाये। छात्रा ने मना किया तो कहां कि प्रोग्राम के ही हैं वहां से बच गये हैं, खा लो, छात्रा ने दो लड्डू खा लिये। उसके बाद पानी भी दिया। वह बेसुद हो गई। छात्रा के अनुसार जब उसे होश आया तो वह कार में पिछली सीट पर पड़ी हुई थी। चालक सीट पर दीपक धनगर बैठा था, कंडक्टर सीट पर हेमेंत पुत्र कोमल सिंह था। छात्रा के बराबर में धर्मेंद्र खड़ा था। उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे। उन्होंने छात्रा को घर पर छोड़ दिया और अपने मोबाइल में छात्रा के अश्लील फोटो दिखाते हुए मुंह खोलने पर बदनाम करने की धमकी दी। सपा नेता के बेटे के साथ गैंगरेप में शामिल दो आरोपी छात्रा के गांव के ही थे। बताया जा रहा है कि उनमें से एक युवक उसी स्कूल में पढ़ता है। हेमेंत पुत्र कोमल ने यह फोटो अपने दोस्तों को दिखाई। यह फोटो बाद में सतेंद्र और विमल को को भी दे दिया गया। दीपक धनगर और उसके दोनों साथी छात्रा को बार-बार बुलाकर रेप करने लगे।

विमल और सतेंद्र भी करने लगे ब्लैकमेल
15 अगस्त की वारदात के बाद तो छात्रा की जीना दुश्वार कर दिया। दीपक और उसके साथियों को जब मौका मिलता दबोच लेते। जो फोटो खींचे गये हैं, उनमें से एक फोटो चारपाई का है। इससे साफ साबित होता है कि दीपक धनगर ने स्कूल के अंदर या फिर अपने किसी स्थान पर ले जाकर छात्रा के साथ दुष्कर्म किया है। फोटो में छात्रा बेसुध है। उसे कोई होश नहीं हैं। उसका कहना भी है कि जब भी बुलाया उसे कुछ नशीली वस्तु खिला देते। उसके साथ कितने लोगों ने रेप किया यह उसे  खुद नहीं पता। उसने करीब 13 दिन नरक से बदत्तर गुजारे। विमल और सतेंद्र भी रास्ते में मोबाइल में फोटो खोलकर उसकी तरफ खड़े हो जाते। छात्रा समझ गई कि अब उसका जीना बेकार है। पूरे इलाके में बदनाम हो गई है। हर कोई उसके साथ गलत काम करना चाहता है। परिवार की भी बदनामी हो रही है। यह सोच उसने आत्महत्या करने का कदम उठाया।

इंस्पेक्टर ने लिखा छेड़छाड़ का मुकदमा
छात्रा की गवाही के बाद भी गैंगरेप की तहरीर लेने से इंस्पेक्टर संजय पांडेय ने इंकार कर दिया। उन्होंने मामला सिर्फ फोटो वायरल और छेड़छाड़ की तहरीर देने को कहा। जबकि फोटो में लड़के के साथ एक आरोपी दुष्कर्म करते दिख रहा है। इस पर इंस्पेक्टर ने परिजनों से कहा था कि आप फोटो को इंटरनेट से एडिट करके लाये हो, आरोप लगाया कि छात्रा के परिजन 50 लाख रुपये की डिमांड कर रहे हैं। यहीं बात इंस्पेक्टर ने आईजी आॅफिस में पूछने पर बताई थी। फोटो को देख कोई भी व्यक्ति बता देगा कि आखिर माजरा क्या है, शर्म करो इंस्पेक्टर तुम्हारी अंतरआत्मा कैसे कह गई कि गैंगरेप नहीं हुआ। कोई भी पिता लड़की की नग्न फोटो लेकर नहीं घूमेंगा। वह भी ऐसे समाज का जहां जड़, जोरू और जमीन के मामलों में गोली चल जाती हैं। पिता सरकारी नौकरी में है। छुट्टी खतम होते ही जो मुकदमा लिखा उसी पर सब्र कर चला गया। छात्रा ने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया। पूरे गांव में धू-धू होने लगी। पुलिस ने किसी भी आरोपी को हिरासत में नहीं लिया।

सपा नेता ने दिये थे थाने में छह लाख रुपये
छात्रा का चाचा किसी जरिये आईजी ए सतीश गणेश से मिला। उसने छात्रा के दो फोटो उनको दिखाये। वह देखते आग बबूला हो गये। उन्होंने गोपनीय तरीके से पूरे मामले की जांच कराई। उसमें इंस्पेक्टर और सीओ लोहामंडी चमन सिंह चावड़ा की भूमिका संदिग्ध नजर आई। जांच में आया कि पुलिस ने तहरीर मिलते ही चार लड़कों को हिरासत में ले लिया था। उसमें सपा नेता का बेटा नहीं था। सपा नेता  ने चारों लड़कों को छुड़ाने के लिए थाने में छह लाख रुपये दिये। उनके परिजनों से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये लिये थे। उन्हे छोड़े जाने की शिकायत परिजनों ने सीओ लोहामंडी से की थी, लेकिन उन्होंने परिजनों को टरका दिया। जगदीशपुरा पुलिस ने गैंगरेप का मुकदमा अपराध संख्या 559/2019 को धारा 354 डी, 504, 7/8 पॉस्को एक्ट 67 आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया था। आईजी ने एसएसपी बबलू कुमार को तुरंत मुकदमें में गैंगरेप की धाराये बढ़ाने के आदेश दिये। वह पूरे मामले की मॉनिटरिंग खुद कर रहे हैं।

इंस्पेक्टर के जांच में खुले कारनामे
गैंगरेप प्रकरण की मॉनीटरिंग के लिए आईजी आॅफिस में एक टीम गठित हुई है। वह थाने से प्रतिदिन अपडेट लेती है। तत्कालीन इंस्पेक्टर की गोपनीय जांच चल रही है। इंस्पेक्टर का एक कारनामा और निकलकर आईजी के संज्ञान में आया है। मौजूदा इंस्पेक्टर ने कुछ दिनों पहले राजेश कुमार शर्मा ने दो गैंगस्टर को गिरफ्तार किया था। दोनों ने गिरफ्तारी का कारण पूछा, तो पता चला कि वह गैंगस्टर मामले में वांछित हैं। आरोपियों ने बताया कि तत्कालीन इंस्पेक्टर ने गिरफ्तार किया था। दोनों को एक नेता की सिफारिश पर बहुत मोटी रकम लेकर रात में ही छोड़ दिया था, कहा था कि तुम दोनों का नाम गैंगस्टर से हट गया है।

 

छात्राओं से पूर्व में हो चुकी वारदातें 

- वर्ष 19 दिसंबर 2018 में थाना न्यू आगरा क्षेत्र निवासी एक युवती आगरा के एक कॉलेज में बीटेक की छात्रा भगवान टॉकीज चौराहे के पास एक शोरूम के सामने से दो युवक अगवा कर ले गये थे।
चार युवकों ने गैंगरेप किया था। विरोध पर छात्रा के सिर पर डंडों से वार कर आरोपी पीड़िता को प्रिल्यूड स्कूल के पीछे झाड़ियों में फेंक गए।

- 24 अक्टूबी 2017 आगरा में दोस्त के साथ घूमने गई शाहगंज की 19 वर्षीय छात्रा बेहोशी की हालत में मिली। उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आशंका है कि दोस्त और उसके साथियों ने छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म किया है। छात्रा को लेडी लॉयल में मेडिकल कराने के बाद गंभीर हालत में एसएन मेडिकल कालेज के इमरजेंसी के लिए रेफर किया गया था। छात्रा के गैंग रेप के आरोपी दोस्त अल्पसंख्यक संप्रदाय का होने से फैला तनाव। हिन्दू संगठन के पदाधिकारी एसएन इमरजेंसी पहुंचे। पुलिस ने हाशिम नाम के युवक को जेल भेजा था।

-15 अगस्त 2019 न्यू आगरा क्षेत्र की हाईस्कूल की 15 वर्षीय छात्रा को वैन में आये तीन युवक पता पूछने के बहाने उसे और छोटी बहिन को उठाकर ले गये। वैन सवारों ने तीन साल की मासूम के गले पर चाकू रख दिया। तीनों युवकों ने चलती गाड़ी में मासूम के सामने ही हाईस्कूल की छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म किया था।