पुलिस का कारनामा: एक वर्ष तक दबाये रखा पिंटू की मौत का राज़

बरेली पुलिस ने खोला राज, परिवार के लोगों में मचा कोहराम


मैनपुरी। किशनी पुलिस ने मानवीय और मानवता की सारी हदें पार कर दी एक बार फिर पुलिस का चेहरा बेनकाब हो गया। बरेली पुलिस ने एक युवक के घायल होने और मौत के बाद लावारिस में अंतिम संस्कार होने की बाकायदा सूचना किशनी पुलिस को दी थी। लेकिन बेरहम बेवफा इलाकाई पुलिस सूचनाओं को दबाए रही। इतना ही नहीं साल भर से तलाश में जुटी परिजनों को थाना चैकी आने पर दुत्कार और फटकार के सिवा कुछ नही मिला। मामला उस समय खुला जब बरेली पुलिस मृतक के परिजनों के बयान लेने कुसमरा पहुंची। बेटे की मौत की खबर सुनकर परिवार के लोगों में कोहराम मच गया।
थाना किशनी क्षेत्र के कस्बा कुसमरा निवासी राजेंद्र सिंह के चार पुत्रों में सबसे बड़ा बेटा पिंटू अविवाहित था। पिछले वर्ष 12 अगस्त को रसूलाबाद कानपुर स्थित ननिहाल जाने के लिए घर से निकला था। लेकिन वह नहीं पहुंचा। इसके बाद परिवार से उसका संपर्क टूट गया। जब वह ननिहाल भी नहीं पहुंचा तो परिवार वालों ने उसकी काफी खोजबीन की लेकिन उसका कोई ठिकाना नहीं लगा। हर ठिकाने से नाउम्मीद होने के बाद भी परिजनों ने उम्मीद नहीं छोड़ी। थाने चैकी के चक्कर काटे अधिकारियों के आगे गिड़ गिड़ायें। लेकिन इलाका पुलिस से कोई सहयोग नहीं मिला। उल्टा डांट फटकार ही खानी पड़ी पिंटू की मौत के रहस्य से पर्दा उस समय उठा जब बरेली से आए दरोगा इंद्रजीत ने इलाका पुलिस की संवेदनहीनता उजागर कर दी। उन्होंने बताया कि 5 सितंबर 2018 को पिंटू बरेली स्टेशन पर ट्रेन की छत पर चढ़ते समय करंट लगने से घायल हो गया था। घायल से मिली जानकारी पर किशनी पुलिस को तत्काल फोन से सूचना दी गई थी। इसके बाद दोबारा 10 अक्टूबर 2018 को लिखित जानकारी भी दी गई। बाद में पिंटू की मौत हो गई। परिजनों के न पहुंचने पर लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया गया था। 1 साल के दौरान परिजन नहीं आए तो वह बयान लेने पहुंच गए। दरोगा की बातें सुनते ही परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। इधर किशनी थाना पुलिस की चारों ओर जनता द्वारा निंदा की जा रही है।

क्या कहते है एसपी मैनपुरी

 यदि सूचना मिलने के बाद जानबूझकर लापरवाही बरती गई है। तो गंभीर विषय है। मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी। हर हालत में दोषियों को दंडित किया जाएगा। अजय शंकर राय पुलिस अधीक्षक मैनपुरी