गैंगरेप प्रकरण: बेटे की करतूत से ‘धनगर’ की राजनीति में लगा ग्रहण

-विधानसभा उपचुनाव में टूंडला से समाजवादी पार्टी से मिला है टिकट
-पुराने इंस्पेक्टर पर हुई कार्रवाई के बाद भी जगदीशपुरा पुलिस नहीं ले रही सबक


अग्र भारत ब्यूरो
आगरा। कॉन्वेंट स्कूल में ग्यारहवीं की छात्रा के साथ हुए गैंगरेप मामला टूंडला से सपा प्रत्याशी महाराज सिंह धनगर के लिए गले की फांस बनता जा रहा है। उनके विरोधी सक्रिय हो गये हैं। वह किसी भी हाल में धनगर की टिकट कटवाने में और समाज में छवि खराब करने का काम कर रहे हैं। वहीं सपा नेता बेटे के साथ अपनी राजनीति बचाने के लिए शाम, दंड, भेद सभी हथकंडे अपनाने में लगे हुए हैं। नेता के इस काम में जगदीशपुरा पुलिस पूरा सहयोग कर रही है। आईजी की सख्ती के बाद भी थाना पुलिस लापरवाही बरत रही है। जबकि शहर के एक माननीय सजातीय नेता ने धनगर की राजनीति को खत्म करने के लिए भरकस कोशिश कर रहे हैं।

थाना जगदीशपुरा के बिचपुरी क्षेत्र में स्थित सपा नेता महाराज सिंह धनगर का कॉन्वेंट स्कूल है। 15 अगस्त को उनके बेटे दीपक धनगर ने ग्यारहवीं की छात्रा को नशीला पदार्थ खिलाकर दोस्तों के साथ मिलकर गैंगरेप किया था। आईजी ए सतीश गणेश की पहल पर एक माह बाद संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। इंस्पेक्टर संजय पांडेय को हटाकर देहात भेज दिया। आईजी आॅफिस से सख्ती हुई तो चार आरोपियों को जेल भेज दिया गया। हालांकि मुख्य आरोपी दीपक धनगर आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। इस संबंध में मौजूदा इंस्पेक्टर से बात की गई, तो वह गिरफ्तारी को लेकर बोले मिल जायेगा तो पकड़ ही लेंगे। थानाध्यक्ष का यह बेतुका जबाव उनकों सवालों के घेरे में खड़ा करता है। यह हाल जब है कि पूरे मामले की मॉनीटरिंग खुद आईजी कर रहे हैं। कहीं न कहीं थाना पुलिस आज भी सपा नेता के प्रभाव में है। बतादें कि तत्कालीन इंस्पेक्टर को मोटी रकम दी गई थी। पूरे प्रकरण में पीड़ित पक्ष की शिकायत पर सीओ लोहामंडी भी संदेह के घेरे में हैं।


सजातीय नेता कार्रवाई कराने को हुए सक्रिय
पुलिस सूत्रों के मुताबिक गैंगरेप प्रकरण में थाना पुलिस सपा नेता के बेटे दीपक धनगर को बचाने में जुटी हुई है। पीड़ित पक्ष लगातार अधिकारियों से गुहार लगा रहा है। भाजपा के माननीय ने आईजी ए सतीश गणेश से मिलकर सख्ती बरतने को कहा है। बतादें कि भाजपा नेता का टूंडला और फिरोजाबाद में समाज पर अच्छा प्रभाव है। महाराज सिंह धनगर टूंडला से सपा के विधानसभा प्रत्याशी हैं और वह भी समाज में अच्छी पकड़ रखते हैं। बघेल बिरादरी के बारे में कहा जाता है, वह अपने ही समाज के प्रत्याशी को वोट करते हैं, वह भले ही किसी भी पार्टी से हो, इसलिए सजातीय भाजपा नेता का वर्चस्व खतरे में है। उनकों सपा नेता के बेटे द्वारा किया गया कृत्य को उछालने का मौका मिल गया है।

गनेश यादव की खत्म हुई थी राजनीति
याद दिला दें कि सपा सरकार आते ही वर्ष 2012-13 में  जिला पंचायत अध्यक्ष गनेश यादव बने थे। ताजगंज थाना क्षेत्र में उसी दौरान उनके बेटे ने दोस्तों के साथ मिलकर बी कॉम की छात्रा के साथ रेप किया था। मामले को दबाने का प्रयास हुआ। सपा सरकार थी, उसके बाद भी तत्कालीन एसएसपी सुभाषचंद दुबे ने पुख्ता सबूत एकत्रित कर सपा नेता के बेटे को जेल भेजा था। उसे बचाने के लिए सपा हाईकमान ने भी दबाव डाला था, लेकिन मामला मीडिया के समक्ष आ जाने से आरोपियों पर कार्रवाई हुई थी।

भाजपा का बेटी बचाओं नारा हो रहा फेल
सपा सरकार में सपा नेता के बेटे पर कार्रवाई हुई थी। आज भाजपा सरकार है, आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। पीड़िता चीख-चीखकर चिल्ला रही है कि दीपक धनगर ने नशीले लड्डू दिये थे। जब होश आया तो उसकी गाड़ी की पिछली सीट पर पड़ी हुई थी। अन्य दो आरोपी गाड़ी में ही थे। आलम यह है कि पुलिस उसके बाद भी कार्रवाई नहीं कर रही है। इससे साफ प्रतीत होता है कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। जो भाजपा नेता रात के अंधेरे में चोरी छिपकर आईजी से कार्रवाई कराने के लिए कहने जाते हैं, क्या उन्हे दिन के उजाले में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा नहीं होना चाहिए?  पीड़िता के क्षेत्र की विधायक खुद महिला है। क्या उन्हे स्वत: संज्ञान नहीं लेना चाहिए।