नियमों को ताक पर रख दौड़ रहे ऑटो

शाहरुख़ खान ​


आगरा। उच्च न्यायालय द्वारा ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन के निर्देश के बाद भी शहर के कई चौराहों पर नियमों को ताक पर रख आॅटो  दौड़ रहे हैं। शहर में कुछ ऐसी गाड़ियां भी हैं जिनके मालिक के पास न तो उस गाड़ी के कागजात हैं और ना  ही इन गाड़ियों का मेन्टिनेंस चैक होता है। सड़क सुरक्षा सप्ताह मना रहे अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
शहर के सबसे व्यस्ततम चौराहों में से एक रामबाग चौराहा सक्रिय ठेकेदारों और प्रशासन की मिली भगत से अपनी बदहाली पर अंशु बहा रहा है। ऐसा ही हाल शहर के अन्य चौराहों का भी है। कहने को तो शहर में सड़क सुरक्षा सप्ताह चल रहा है। पर ये सप्तह  किस तरह मनाया जा रहा है ये भगवान ही जाने।  अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। शहर की सड़कों पर कुछ ऐसी गाड़ियां चल रही है जिनके रजिस्ट्रेशन पर दुसरी गाड़ी ले ली गई हैं। आप यह भी कह सकते है कि रजिस्ट्रेशन एक और सड़क पर गाड़ियां दौड़ रही हैं दो। इन गाड़ियों की मोनिटरिंग रामबाग चौराहे से होती है। यहां से करीब दो सौ से अधिक ऐसी गाड़िया चलती है जिनपर न तो परमिट है न ही कोई अन्य कागजात है। फिर भी इन गाड़ी मालिकों को पकड़े जाने का डर नहीं रहता है। अग्र भारत के संवाददाता ने एक आॅटो  चालक से इस सम्बन्ध में बात की तो उस ने बताया कि ऐसी गाड़ियां चलाने के लिए प्रशासन नहीं ठेकेदार परमिट देता है। आगे बताया कि शाहदरा, छलेसर, टेड़ी बगीया, बेलनगंज प्रत्येक चौराहें की परमिट फीस अलग है। जिसमें 30 रुपए नगर निगम का ठेका भी शामिल होता है। बेलनगंज के सबसे कम रुपए क्यों पूछने पर बताया सबसे ज्यादा गाड़िया इसी रोड़ पर चलती है। इस लिए कम रूपयों में खर्चा मेंन्टेन हो जाता है। गाड़ी पकड़ने के बारे में पूछा गया तो बताया पैसे देने वाली गाड़ियों के पकड़े जाने की जिम्मेदारी ठेकेदार की है।
परिवाहन विभाग के अनुुसार
आॅटो का परमिट पांच साल के लिए दिया जाता है। पांच साल के बाद परमिट को पुन्ह रिन्यु करा सकते है। इसी क्रम में गाड़ियों की मोडल कंडिशन पहले तो दस साल थी। पुन्ह विचार में मोडल कंडिशन को 8 साल कर दिया गया था। जिसके तहत आठ साल से अधिक पुरानी गाड़ियोें को चलने से बाहर कर दिया गया। जिसके लिए परिवाहन विभाग ने नियम बनाया कि पुरानी गाड़ियां कटने के बाद ही नयी गाड़ी की परमिशन दी जायेगी। लेकिन अधिकारियों के चहिते दलालों ने नयी गाड़ियों के लिए परमिशन तो दिलाई पर पुरानी गाड़ियां कटने नहीं दी। अब शहर के कई चौराहों पर चांदी के जूते के दम पर ऐसी दो सौ से अधिक गाड़ियां सड़क पर दौड़ रही है।
वर्जन
ऐसी गाड़ियों के खिलाफ पहले भी मामला संज्ञान में आने पर कार्यवाही की थी। अब दुबारा मामला संज्ञान में आया है तो जल्द ही ऐसी गाड़ियों को जब्त करने के लिए कार्यवाही की जायेगी।
  वन्दना सिंह एआरटीओ

 


    कहां से         कहां तक --         परमिट फीस
  रामबाग से-     शाहदरा तक          130 रूपये
  रामबाग से        छलेसर               100 रूपये
  रामबाग से        टेड़ी बगीया          80  रूपये
   रामबाग से         बेलनगंज          50  रूपये
सौ फुटा से            टैड़ी बगीया        50 रूपये

 


एक नम्बर गाड़ी दो 
यूपी 80 डीटी 2496
यूपी 80 बीटी 7257
यूपी 80 बीटी 8214
यूपी 80 डीटी 8950
यूपी 80 ंएएन 9857
 ऐसी गाड़ियो की जांच की जाये तो यह सभी गाड़ियां फर्जी पाई जायेंगी।