नशे के कारोबार में भगवान के नाम का सहारा

-छात्र नशा पूरा करने को कर रहे हैं कफ सीरप का इस्तेमाल
-टेबलेट अल्प्राजोलम तीस पैसे की जगह बिकती तीन रुपये में


आगरा। राजनीति में तो आपने सुना और देखा है कि नेता किस तरह भगवान के नाम का सहारा लेकर राजनीति चमकाते हैं, लेकिन अब  कथित दवा कारोबारी भी भगवान के नाम का का सहारा लेकर नशे के कारोबार में फल-फूल रहे हैं, जी हां हम बात कर रहे हैं कोतवाली स्थित अलग-अलग तीन दवा कंपनियों की, जो ...श्री राम, माध... और जय..या, नाम से फर्म बना रखीं हैं। तीनों फर्म के आगे या पीछे धर्म से जुड़े नाम हैं। इनमें से दो युवक खुद को जितना अधिक धार्मिक दिखाते हैं, वह दोनों अंदर से अय्याशी किस्म और नशे के शौकीन हैं। उन्होंने अपने शौक को ही व्यापार बना लिया है। चंद दिनों की मेहनत में आज वह करोड़ों में खेल रहे हैं। वह बिना बिल के ओपीएम युक्त कफ सिरप और कुछ ग्रुपों के इंजेक्शन और दवाओं का जखीरा प्रतिदिन ईधर से उधर कर रहे हैं।

...ड्रग हाउस की है तीन राज्यों में सप्लाई
कमला नगर निवासी दवा करोबारी की कोतवाली के फुब्बारा बाजार में हॉलसोल की दुकान है। फर्म का धार्मिक नाम से रजिस्ट्रेशन है। माफिया मेडीकल की आड़ में स्पास्मो प्रॉक्सीवान कैप्सूल (नीला कैप्सूल) नाम से प्रसिद्ध है। इसे नशे में इस्तेमाल में बिना बिल के बेचा जा रहा है। इसके अलावा पेंटविन इंजेक्शन, कॉरेक्स टी सीरप, फोर्टविन, कॉम्पोज, टेबलेट 81 वन टू, नाइट्रोसन 10 एमजी, नाइट्रोवेट 10 एमजी, एलप्रेक्स, वेल सीरेक्स सीरप का नशे के लिए उपयोग किया जा रहा है। माफिया इस तरह की सप्लाई दिल्ली और राजस्थान में दे रहा है। उसकी सप्लाई दिल्ली में जसवंत नाम के व्यक्ति पर जाती है। जसवंत मेडीकल के मालिक को चार माह पहले पंजाब पुलिस ने बिना बिल के स्पास्मो प्रॉक्सीवान कैप्सूल की तस्करी के मामले में पकड़ा गया था। अभी भी वह पुलिस हिरासत में बताया जा रहा है।

दवा सरगना सीकरी से करता है अपडाउन
...ड्रग हाउस के अलावा जय श्री... फर्म का मालिक भी नशे की दवाओं का बड़ा तस्कर है। वह आगरा से करीब 35 किमी दूर बसे कस्बे से रोजाना अपनी लग्जरी गाड़ी से अपडाउन करता है। वह भी अपनी फर्म से नशे के लिए युवा स्पास्मो प्रॉक्सीवान, एमवीटामइन, एंटी एलर्जिक टेबलेट ऐविल, नारफीन एंपुल, नाइट्रोसीन टेबलेट, आयोडेक्स, कॉरेक्स व फोर्टवीन को दूसरे राज्यों में चोरी-छिपे भेजता है। पिछले दिनों ड्रग विभाग ने बिना बिल के माल सप्लाई के आरोप में छापा मारकर भारी तादाद में माल पकड़ा था। उसमें कॉरेक्स टी सीरप पकड़ में आई थी। मार्केट के कुछ सक्रिय नेताओं (दलाल) ने पुलिस और ड्रग्स विभाग को मैनेज किया था। बताया जा रहा है कि दवा माफिया ने तुरंत साढ़े तीन लाख रुपये मध्यस्तों को पहुंचा दिये थे।

हेलमेट लगाकर घूमता है जयपुर का तस्कर
प्रमोद जयपुरिया नाम के सख्स ने आगरा में आकर अपनी पेठ बना रखी है। उसने आगरा के साथी के नाम पर फर्म का रजिस्ट्रेशन भी करा लिया है। कोतवाली के बीआजी मार्केट में दुकान भी है। स्पास्मो प्रॉक्सीवान, एमवीटामइन, एंटी एलर्जिक टेबलेट ऐविल, नारफीन एंपुल, नाइट्रोसीन टेबलेट, आयोडेक्स, कॉरेक्स व फोर्टवीन का बड़ा सप्लायर है। इसके अतिरिक्त प्रग्नेसीकिट, गेस्टा ग्रो किट क्लीयर किट राजस्थान, महाराष्टÑ, गुजरात में बैन होने के बावजूद भी धड़ल्ले से भेज रहा है। वह राजामंडी स्थित सस्ते होटल में रुकता है। बाइक से प्रतिदिन हेलमेट लगाकर पहुंचता है। वह किसी से बात करने के दौरान भी हेलमेट पहना रहता है। राजस्थान के जिला हनुमान की एसटीएफ कई माह से तलाश कर रही है। यूपी, गुजरात हरियाण और राजस्थान में सप्लाई देना वाला सबसे बड़ा तस्कर है।

स्टॉक चेक...। खुल जायेगी पोल
ड्रग विभाग के सूत्र कहते हैं कि फु ब्बारा दवा मार्केट में कुछेक को छोड़ दे, तो सभी दो नंबर में काम करते हैं। इनके गोदाम में बिना बिल का माल भरा पड़ा है। दूसरे राज्यों से हॉकर आते हैं। वह अपने रिस्क पर निजी गाड़ी या फिर टेंपो से माल लेकर जाते हैं। कुछ व्यापारियों ने ऐसे ट्रांसपोर्ट पर सेटिंग कर रखी है कि वह बिना बिल के माल ठिकाने तक पहुंचा दें। इसके लिए वह अधिक किराया वसूलते हैं।

स्टेशनरी की दुकान पर पकड़ी थीं नशे की दवा
राजस्थान में कुछ दिनों पहले एक स्टेशनरी की दुकान पर ड्रग विभाग ने छापा मारा था। वहां किताबों के बीच न्यूटेक कंपनी की अल्प्राजोलम दवा का जखीरा मिला था। बतादें कि इस दवा का की दस गोली तीन रुपये की आती हैं। जबकि रिटेल में यह दवा 30 रुपये की दस गोली बेची जाती है। नशे में इस्तेमाल होने वाली दवा और सीरप का सीधा असर स्नायु तंत्र, किडनी, लीवर पर बुरा प्रभाव डालता है, पेरालाइसिस का खतरा बढ़ जाता है। सेंट्रल ड्रग स्टेंडर्ड आगेर्नाइजेशन के निर्देश के अनुसार नींद की गोली तथा हैवी एंटीबयोटिक दवा के लिए एमबीबीएस डॉक्टर की परची जरूरी है।

दोनों करते हैं साल में चार बार विदेशी ट्रिप
कमला नगर और सीकरी निवासी दोनों दवा करोबारी अच्छे मित्र हैं। वह अच्छे, बुरे सभी काम लगभग साथ-साथ करते हैं। सिगरेट पीने के शौकीन हैं। कमला नगर निवासी दवा माफिया रात को ढाई पैग से अधिक शराब नहीं पीता है। स्पोर्ट लुक की गाड़ी है। सीकरी वाले की एक दुकान उसके पिता कस्बा में चलाते हैं। यह शादी शुदा नहीं हैं। सफेद कलर की लग्जरी गाड़ी है। वह रोजाना कस्बा से गाड़ी से ही अपडाउन करता है। चेनस्मोकर कह सकते हो, सिगरेट खतम होती ही दूसरे तैयार कर लेता है। दोनों गजब के अय्याश हैं, साल में करीब चार बार बैंकॉक और थाईलेंड जाते हैं। इनके बीजा की जांच हो तो सच्चाई सामने आ जायेगी।

फिरोजाबाद में पकड़ा दवा का जखीरा
मंगलवार शाम छह बजे फिरोजाबाद सेलटैक्स अधिकारी ने दवा से भरे एक मैक्स गाड़ी को पकड़ा है। गाड़ी में दवा से भरा हुआ जखीरा है। माल किसी आगरा के दवा माफिया का बताया जा रहा है। सचल दल के मुताबिक चालक मौके पर दवाओं से संबंधित बिल नहीं दिखा सका है। उसके मालिक को बुलाने के लिए सूचना दी है। छानबीन कर कार्रवाई की जा रही है। माल आगरा का है, लेकिन लोडर फिरोजाबाद नंबर का ही है। सूत्रों का कहना है कि गाड़ी में पकड़ा गया माल नकली है।