पत्नी के अकाउंट में थे 80 लाख फिर भी ... जानिये क्या है मामला

स्कूल प्रबंधका के हत्यारे दो महीने बाद भी आजाद
-शादी पर खर्च हुए थे 50 लाख फिर भी न बुझी दहेज की भूख
-पीडित परिवार ने पुलिस पर लगाया भ्रष्टाचार का अरोप


मथुरा। पैसे के दम पर दहेज लोभियों की लालसा को शांत  कर पाना संभव नहीं है। बडे दहेज के साथ होने वाली महंगी और शानदार  शादियों का हश्र तो यही बता रहा है। 
ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहां दहेज के लोभी ससुराल वालों ने अपनी ही बहु को मौत के घाट उतार दिया। मृतक महिला एक स्कूल की प्रबंधक भी थी। 
 थाना हाइवे के अंतर्गत राधापुरम स्टेट में रहने वाले देव स्वरूप शर्मा ने अपनी बेटी मीनू की शादी चन्दनवन के रहने वाले संजयदीप पुत्र मोहन लाल के साथ की थी। उन्होंने बताया कि शादी में तय हुआ पूरा दान-दहेज दिया गया था, शादी पर 50 लाख से अधिक का खर्चा आया था।
मगर दहेज के लोभी ससुराल वालों का पेट इससे नही भरा तो उन्होंने मीनू का उत्पीड़न करना शुरू  कर दिया और पैसे की मांग करने लगे। हत्या से करीब दो दिन पहले भी ससुराली जनों से बेटी को जहर दे दिया था। जब ये बात उन्हें पता चली तो उन्होंने इसकी शिकायत थाना हाइवे में की। मगर सामाजिक लोगों और पुलिस के द्वारा मामले में राजीनामा कर दिया गया और लड़की को ससुराल भेज दिया। 29 अक्टूबर की सुबह जब हमें पता चला कि हमारी बेटी की लाश रेलवे ट्रैक पड़ी हुई है तो हम अपनी लड़की को नयति हॉस्पिटल ले गए। जहां उसे मृत बता दिया गया। जब हमने ससुराल पक्ष से बात करनी चाही तो पता चला कि वो घर से फरार हो गए। हमने इसकी शिकायत थाना हाइवे में की मगर अभी तक कोई कार्यवाही नही की गयी। हम कई वार एसएसपी साहब से मिले  मगर किसी भी अधिकारी ने हमारी फरियाद नही सुनी।

पीड़ित का कहना है कि हमारी बेटी एक विद्यालय की प्रबन्धक थी। जिसके के खाते में 80 लाख रूपये थे। जिसे हड़पने के लिए मेरी बेटी की हत्या की गई है।पीड़ित ने कहा कि जब हमंे न्याय नही मिल सकता तो कैसा ये कानून।