ई-नकल से निपटने में गच्चा खा रही यूपी पुलिस

-ग्राम पंचायत विकास अधिकारी की परीक्षा के नकल माफिया गिरोह के चार सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़े
-पुलिस, दबोचे गये माफिया से समझ रही ई-नकल की आधुनिक तकनीक
-प्रतियोगी परीक्षाओं को नकल विहीन संपन्न कराने में हर बार हो रही फेल

मथुरा। प्रतियोगी परीक्षाओं में लाख कोशिश के बाद भी यूपी पुलिस नकल रोकने में नाकाम हो रही है। हर बार पुलिस पूरी मुस्तैदी के बाद भी तकनीक के मामले में माफिया से पिछड रही है। ई-नकल में माफिया पुलिस से कई कदम आगे है।
   पुलिस ने वीडियो की परीक्षा में नकल कराने वाले नकल माफिया गैंग के चार सदस्यों सहित नकल कर रहे छात्र को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से एक बीटी डिवाइस फटी बनियान सहित 6 मोबाइल दो आधार कार्ड 4 प्रवेश पत्र एक रिसीवर कान में लगाने वाला किया बराम जनपद में हो रही वीडियो की परीक्षा आयोजित की गई थी। जिसमें तकनीकी उपकरणों के माध्यम से नकल करते हुए पुलिस ने सुंदर पुत्र जगदीश, पवन पुत्र सरदार, ब्रजविहारी पुत्र लाला राम, प्रदीप पुत्र नेत्रपाल को गिरफ्तार किया है। जब पकड़े गए छात्र की तलाशी ली गई तो उसके पास से एक डिवाइस और एक कान में लगाने का बारीक मोबाइल रिसीवर बरामद किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने पत्रकार वार्ता के दौरान खुलासा करते हुए बताया कि यह नकल माफिया गिरोह छात्रों से पैसे लेकर उन्हें विभिन्न माध्यमों के डिवाइस के माध्यम से नकल करवाता था जिसमें से चार माफिया गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है, साथ ही इनसे जुड़े तारो की छानवीन की जा रही है सबूतों के आधार पर अगर कोई और तथ्य निकल कर सामने आते है तो उनके खिलाफ  भी कठोर कार्यवाही की जाएगी।


दो दिनों से परीक्षा चल रही थी, स्वाट टीम और पुलिस सक्रिय थे। कुछ लोगों को कल भी गिरफ्तार किया था। संकलित सूचनाओं के आधार पर चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। एडमिट कार्ड, सार्टिफिकेट, मोबाइल नम्बर भी बरामद किये हैं। पूरी टीम ने शानदार  काम किया है। 
 एसएसपी मथुरा