बड़ा सवाल: कब होगी कौन कराएगा, 101 फिर्जी शिक्षकों पर एफआइआर!

कोमल सोलंकी
 
बड़ा सवाल: कब होगी कौन कराएगा, 101 फिर्जी शिक्षकों पर एफआइआर!
-निलंबित प्रधानाध्यापक बोले हम दर्ज नहीं कराएंगे एफआइआर
-बीएसए ने साफ कहा निलंबित प्रधानाध्यापकों पर होगी कार्यवाही
मथुरा। फर्जी 101 शिक्षकों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कौन कराएगा!, यह सवाल अब लाख टके का हो गया है। निलंबित प्रधानाध्यापकों को 21 जुलाई तक का समय दिया गया था लेकिन अभी तक किसी प्रधानाध्यापक ने एफआइआर दर्ज नहीं कराई है। गैंद एक बार फिर बीएसए के पाले में कि वह अपनी जिद पर अड़े निलंबित प्रधानाध्यापकों पर कोई कार्यावाही करते हैं या नहीं जबकि निलंबित प्रधानाध्यापकों का कहना है कि उन्हें अपने हित साधने के लिए अधिकारियों द्वारा गलत तरीके से बाध्य किया जा रहा है। कानूनन वह एफआइआर दर्ज कराने के पात्र नहीं हैं। 
 शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़े का मथुरा में खुलासा क्या हुआ पूरे प्रदेश का बेसिक शिक्षा विभाग बेचेन है। अभी तक मथुरा में 110 फर्जी शिक्षक पकड़े जा चुके हैं। इनमें से सिफ नौ शिक्षकों के खिलाफ एसआइटी ने थाना मथुरा कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। जबकि बीएसए  कार्यालय के बाबू, आॅपरेटर और इस जालसाजी के मास्टरमाइंडो सहित कुछ 16 के खिलाफ एफआइआर दर्ज हुई है। फर्जी शिक्षकों की जारी सूची में 101 के खिलाफ 89 प्रधानाध्यापकों को एफआइआर दर्ज करानी है। 
 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने के आदेश की समय सीमा पहले ही समाप्त हो चुकी है। बीएसए चंद्रशेखर ने लिखित आदेश जारी कर सभी निलंबित प्रधानाध्याकपों को उनके यहां तैनाती पाने वाले फर्जी शिक्षकों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराने को कहा था। आदेश के मुताबिक 16 से 21 जुलाई तक छह दिन का समय दिया गया था। इस बीच किसी भी प्रधानाध्यापक ने एफआइआर दर्ज नहीं कराई थी। समय सीमा समाप्त होने के आखिरी दिन यानी 21 जुलाई को एक बार फिर प्रधानाध्यापक बीएसए आॅफिस पहुÞंचे। जब शिक्षक नेताओं के साथ ये निलंबित प्रधानाध्यापक बीएसए आॅफस पहुंचे उस समय एसटीएफ और एसआइटी टीमें भी बीएसए आॅफिस में मौजूद थीं। जांच टीमों ने इनसे जांच के लिए जरूरी कुछ कागजात भी अपने कब्जे में लिए। इसी दौरान निलंबित प्रधानाध्यापकों ने जांच टीम और बीएसए के सामने अपना पक्ष पूरी मजबूती से रखा। प्रधानाध्यापकों का जोर इस बात पर था कि निलंबित कर्मचारी कोई विभागीय कार्य नहीं कर सकता ऐसे में वह नियमानुशार एफआइआर दर्ज नहीं करा सकते हैं लेकिन एसआइटी को लीड कर रहे एसपी सिटी श्रवण कुमार ने उनके इस तर्क को नकार दिया और कहाकि निलंबन के बाद भी वह रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद बैकफुट पर आये प्रधानाध्यपकों ने अपने कुछ साथियों को बीएसए का आदेश विलम्ब से मिलने की बात कही, इस पर बीएसए चंद्रशेखर ने उन्हें समय सीमा बढ़ाये जाने से इनकार करते हुए जल्द से जल्द एफआइआर दर्ज कराने को कहा, हालांकि इस बीच निलंबन के बावजूद विद्यालय और बीआरसी या एबीएसए आॅफिस जाने की उन्हें छूट दे दी गई जिससे वह आवश्यक संबंधित काजगात जरूरत हुई तो ले सकते हैं। प
 
ये हैं प्रधानाध्यापकों के तर्क
-प्रदेश में इससे पहले भी नियुक्तियों में फर्जीवाड़ा हुआ है, एफआइआर हर बार बीएसए ने ही कराई है। 
-इससे पहले 19 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ थाना रिफाइनरी में तत्कालीन बीएसए ने ही दर्ज कराई थी रिपोर्ट
-प्रदेश में कहीं भी किसी फर्जी नियुक्ति पर किसी प्रधानाध्यापक ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है। 
-निलंबित प्रधानाध्यापक को किसी तरह का कोई विभागीय कार्य करने की अनुमति नहीं है
-प्रधानाध्यापकों पर एफआइआर का दबाव बनाना कानून भी सही नहीं है
-प्रधानाध्यापकों ने बीएसए को बॉयलोज दिखा कर की अपनी दलीलों की पुष्टि
 
ये हैं बीएसए के तर्क
-अलग अलग समय पर फर्जी शिक्षकों ने तैनाती ली है
-जो घटना स्थल है उसी से संबंधित थाने में दर्ज होगी रिपोर्ट
-ज्वाइनिंग प्रधानाध्यापक ने दी है इस लिए संबंधित प्रधानाध्यापक ही दर्ज कराएंगे रिपोर्ट
-शासन के आदेश पर पूरी की जा रही है प्रक्रिया
 
फोटो-23यूपीएच मथुरा02
चित्र परिचय-जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय मथुरा।