दो गुना पैसा देने के लिए तैयार नहीं हुए संचालक तो जारी कर दी सूची

दो गुना पैसा देने के लिए तैयार नहीं हुए संचालक तो जारी कर दी सूची
-जिलाविद्यालय निरीक्षक पर लगाये स्कूल संचालकों ने गंभीर आरोप
-जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर लगा रहा स्कूल संचालकों का जमावड़ा
-डीआईओएस ने बिना मान्यता के चल रहे 76 स्कूलों की सूची की है जारी
मथुरा। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से बिना मान्यता के चल रहे 76 स्कूलों की सूृची जारी किये जाने के बाद विद्यालय संचालकों में अफरातफरी मची हुई है। दूसरी ओर छात्र संगठन भी इस विवाद में कूद गये हैं। मंगलवार को छात्र रालोद ने डीआईओएस कार्यालय पर प्रदर्शन किया। सूची में  शािमल विद्यालयों के सचालकों का जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर दिन भर जमावड़ा लगा रहा। डीआईओएस मंगलवार को तहसील महावन में आयोजित समाधान दिवस में शामिल होने के लिए गये हुए थे। डीआईओएस की अनुपस्थिति में विद्यालय संचालक कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों से उलझते रहे। 
विद्यालय संचालकों ने इस दौरान जिलाविद्यालय निरीक्षक और बाबुओं पर गंभीर आरोप लगाये। स्कूल संचालकों का कहना है कि सूची में ऐसे विद्यालय भी शामिल हैं जो पिछले 15 से 20 साल से संचालित हो रहे हैं। इससे पहले कभी भी इस तरह की सूची जारी नहीं की गई। प्रत्येक विद्यालय से जिलाविद्यालय निरीक्षक कार्यालय को पैसा पहुंचता है। इस उगाही को दो गुना करने के लिए इस बार दबाव डाला गया। इसके लिए विद्यालय संचालक तैयार नहीं हुए तो यह सूची जारी कर दी गई है। इस सूची में उन विद्यालयों को शािमल नहीं किया गया है जिन्होंने पैसा पहुंचा दिया है। जनपद में दूसरे विद्यालय भी मानकविहीन हैं, लेकिन लगातार संचालित हो रहे हैं और इनके खिलाफ कार्यवाही नहीं की जा रही है। 
 
जिन विद्यालयों की शिकायत हुई उन्हें नहीं किया सूची में शामिल
इस सूची में कई ऐसे विद्यालय शामिल नहीं किये गये हैं जिनके खिलाफ फर्जी होने की शिकायत की गई थीं। इन विद्यालयों की जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक पर गंभीर आरोप लगाने वाले विद्याल संचालकों ने कहा है कि यह सूची सिर्फ दबाव डालने के लिए जारी की गई है लेकिन हम झुकेंगे नहीं और अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। 
 
छात्र रालोद ने किया डीआईओएस कार्यालय पर प्रदर्शन
छात्र रालोद ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन किया। छात्र रालोद का कहना है कि डीआईओएस कार्यालय में शिक्षा माफिया का बेजां दखल है। माफिया मनमानी कर रहे हैं। स्कूल खुलते ही बच्चों से उन महीनों की फीस भी मांगी जा रही है जिन महीनों में विद्यालय बंद रहे। स्कूल वाहन, ड्रेस, किताब, कांपी के नाम पर अभिभावकों का शोषण किया जा रहा है। फर्जी विद्यालय की सूची जारी करने के बाद भी जिला विद्यालय निरीक्षक कोई कड़ा कदम नहीं उठा रहे हैं। ऐसे विद्यालय के संचालकों को सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। 
 
फोटो-03यूपीएच मथुरा01
चित्र परिचय-डीआईओएस कार्यालय पर प्रदर्शन करते छात्र रालोद कार्यकर्ता।