यूपी इन्वेस्टर्स समिट के पहले दिन तक हुए 1045 एमओयू

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कहा कि उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट 2018 के पहले दिन आज तक कुल 4.28 लाख करोड रूपये के 1045 सहमति पत्रों एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं ।

सम्मेलन के उदघाटन कार्यक्रम में योगी ने कहा, 'यह राज्य के लिए गौरव की बात है कि समिट में फार्च्यून—500 सूची की कई कंपनियां हिस्सा ले रही हैं । मैं आपको बताना चाहता हूं कि अब तक हमने 4.28 लाख करोड रूपये के 1045 एमओयू पर हस्ताक्षर किये हैं । मैंने हाल ही में 4.28 करोड रूपये का बजट पेश किया था और यहां जो एमओयू हुए, उनकी राशि का आंकडा भी उतना ही है । हम अब नये उत्तर प्रदेश की ओर बढ रहे हैं ।' उन्होंने कहा कि जितने भी एमओयू हुए हैं, वह अपने स्तर पर उनकी समीक्षा खुद करेंगे ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले तीन वर्ष के दौरान राज्य में 40 लाख रोजगार सृजन करना है । इस दिशा में प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए राज्य सरकार रणनीति बनाने में सुझाव हासिल करने के लिहाज से देश के जाने माने उद्योगपतियों का राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड बनाया है । इसके माध्यम से अग्रणी उद्योगपतियों का सक्रिय सहयोग प्रदेश की औद्योगिक नीति को नयी दिशा प्रदान करने में प्राप्त हो पाएगा ।

उन्होंने बताया कि व्यापार और उद्योग को सुगम बनाने के मकसद से स्वीकृतियां आसान बनाने के लिए 'ईज आफ डुइंग बिजनेस' की दिशा में कार्रवाई प्रारंभ कर दी गयी है । अनुमोदन, अनुमति और लाइसेंस की आनलाइन सुविधा एक छत के नीचे प्रदान करने के लिए डिजिटल मंजूरी की प्रणाली लागू करने जा रहे हैं । इसकी निगरानी खुद मुख्यमंत्री कार्यालय करेगा । योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को 'बीमारू' राज्य की श्रेणी से उबारकर खुशहाल 'समृद्ध' प्रदेश बनाने की ओर अग्रसर करने की दिशा में ये एक प्रयास है ।

उन्होंने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नरेन्द्र मोदी की मौजूदगी में कहा कि प्रधानमंत्री का समय समय पर मार्गदर्शन हम सबको मिलता है । विकास और सुशासन की दृष्टि से आज उत्तर प्रदेश के विकास एवं खुशहाली की प्रथम कडी को आगे बढाने के लिए प्रधानमंत्री खुद उपस्थित हुए हैं ।

योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री बार बार इस बात को कहते हैं कि विकास का कोई विकल्प नहीं हो सकता है । उसके लिए सुशासन चाहिए । अगर हमें भारत को विश्व पटल पर महाशक्ति के रूप में स्थापित करना है तो मार्ग उत्तर प्रदेश से जाता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को पिछडेपन और बीमारू स्थिति से उबारकर उसे देश के समृद्ध राज्यों की श्रेणी में खडा करने की दिशा में प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में प्रयास उत्तर प्रदेश सरकार ने किया । यूपी इन्वेस्टर्स समिट इसकी एक कडी है । योगी ने कहा कि कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी, हैंडलूम, वस्त्र, एमएसएमई, आईटी, स्टार्ट अप, फिल्म, नागर विमानन, नवीकरणीय उर्जा राज्य सरकार के 'फोकस' वाले क्षेत्र हैं । उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बुनियादी आवश्यकताओं में से एक है । सरकार की नीतियों को जमीन पर उतारने के लिए पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन भी जरूरी है । 'हमने पिछले 11 महीने में प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने में बडी भूमिका का निर्वहन किया है । शांति व्यवस्था के लिए जो भी प्रभावी कदम उठाने की जरूरत पडी, हमारी सरकार ने उठाये ।' उन्होंने कहा कि देश में जिन 99 शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में चुना गया है, उत्तर प्रदेश के दस शहर उनमें हैं । लखनउ में मेट्रो का व्यावसायिक संचालन शुरू हो गया है । कानपुर, मेरठ और आगरा का डीपीआर तैयार है । वाराणसी, इलाहाबाद, गोरखपुर और झांसी में परियोजना को केन्द्र की नयी नीतियों के तहत संशोधित करने का कार्य चल रहा है ।

योगी ने बताया कि नयी औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन के लिए विभिन्न नीतियां बनायी गयी हैं । हम ऐसा औद्योगिक सिस्टम विकसित करने के पक्षधर हैं जिसमें नये एवं पारंपरिक उद्योग एक साथ एक दूसरे के विकास में सहायक बन सकें।