डिजिटल लेन-देन पर ऑफलाइन की तुलना में कम हो कर की दरें: नासकॉम

नयी दिल्ली..... सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के संगठन नासकॉम ने डिजिटल लेन-देन पर कर की दर ऑफलाइन लेन-देन की तुलना में कम रखने की वकालत की है।

नासकॉम के अध्यक्ष आर. चंद्रशेखर ने पीटीआई भाषा से कहा कि डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहित करने के लिए इसपर कर की दरें ऑफलाइन लेन-देन की तुलना में कम होनी चाहिए।

उन्होंने कहा हमारा कहना है कि डिजिटल तरीके की किसी सेवा पर लगने वाला कर उस काम के ऑफलाइन तरीके से होने पर लगने वाले कर से अधिक नहीं होना चाहिए। यदि सरकार की नीति डिजिटल अर्थव्यवस्था है, आप ऐसा कर ढांचा नहीं रख सकते हैं जो नीति के ही प्रतिकूल हो।’’ उन्होंने प्लंबिंग पर लगने वाले जीएसटी का जिक्र करते हुए कहा कि ऑनलाइन तरीके से इसी सेवा पर कोई जीएसटी नहीं लगता है।

उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में आईटी उद्योग का राजस्व छह गुना बढ़ा है और संगठित क्षेत्र में रोजगार देने वाला सबसे बड़ा निजी क्षेत्र है।

उन्होंने कहा स्टार्टअप तथा छोटे एवं मध्यम उद्यमों में घरेलू निवेश औ।र विदेशी निवेश पर कर की दरों में काफी फर्क है। ऐसी स्थिति नहीं होनी चाहिए जिसमें घरेलू निवेशकों को विदेशी निवेशकों की तुलना में नुकसान उठाना पड़े।